अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर निगम के 52 सीढ़ी मार्ग पर लगाए गए गेट को लेकर छिड़े विवाद पर मेयर अजय वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है और किसी भी राजनीतिक दबाव में आकर गेट नहीं हटाया जाएगा। इस मार्ग पर सरस्वती शिशु मंदिर, विवेकानंद और एडम्स जैसे कई प्रमुख स्कूल स्थित हैं, जहां से रोज़ाना सैकड़ों छात्र.छात्राएं गुजरते हैं। 52 सीढ़ी मार्ग कई जगहों पर अत्यधिक संकीर्ण है। यहां से दोपहिया वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के साथ हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय महिलाओं और क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से सुरक्षा के मद्देनजर यहां गेट लगाने की मांग की जा रही थी। मेयर अजय वर्मा ने गेट का विरोध करने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए खुला चैलेंज दिया है। यदि कोई जनप्रतिनिधि इस मार्ग को खुलवाना चाहता है, तो उसे नगर निगम को लिखित में देना होगा कि मार्ग खुलने के बाद यदि कोई दुर्घटना होती, तो घायल व्यक्ति के इलाज और हादसे की पूरी जिम्मेदारी उसकी व्यक्तिगत होगी। अगर जनप्रतिनिधि जनहित में यह जिम्मेदारी लिखित रूप में लेने को तैयार हैं, तभी नगर निगम मार्ग खोलने पर विचार करेगा। नगर निगम का उद्देश्य किसी की सुविधा प्रभावित करना नहीं, बल्कि संवेदनशील मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। बच्चों की जान जोखिम में डालकर कोई राजनीति नहीं की जा सकती। अजय वर्मा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नगर निगम ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से पीछे हटने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।

