देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है। मौसम की चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। भगवान केदारनाथ के प्रति अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस यात्रा सीजन में केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर गई है। वहीं चारों धामों केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में अब तक कुल 26 लाख 86 हजार 259 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यात्रा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे तक केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 10 लाख 497 तक पहुंच गई। केवल शनिवार को ही 24 हजार 66 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जिनमें 11 हजार से अधिक महिलाएं शामिल थीं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बाबा केदार के दरबार में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। इस वर्ष यात्रा के दौरान कई बार भारी बारिश और मौसम की खराब परिस्थितियां सामने आईं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। गत 23 मई को एक ही दिन में चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर गई थी। इसके अगले दिन 24 मई को भी 98 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त धामों की ओर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का अनुभव मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और मौसम संबंधी चुनौतियों पर लगातार नजर बनाए रखें। चारधाम यात्रा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ उत्तराखंड की धार्मिक और पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए भी शुभ संकेत मानी जा रही है। होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को इसका बड़ा लाभ मिल रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने यह साबित कर दिया है कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान देश-दुनिया के लोगों को लगातार आकर्षित कर रही है। आस्था, विश्वास और भक्ति के इस महापर्व में चारधाम यात्रा एक बार फिर नए कीर्तिमान स्थापित करती नजर आ रही है।

