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राज्य स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी ₹1500 करोड़ की विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगात

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देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की विकास यात्रा में आज का दिन एक नया स्वर्णिम अध्याय बनकर सामने आया है। राज्य स्थापना के 26 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के गौरवमयी अवसर पर प्रदेश को विकास की एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। अपने उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य को 1,475.31 करोड़ रुपये (लगभग 1,500 करोड़ रुपये) की लागत वाली विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर देवभूमि वासियों को बड़ा उपहार दिया।

राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान 1,475.31 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को प्रदेश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को नई गति देने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विकास को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के जरिए सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पर्यटन और आमजन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। करीब 1,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास इसी विकास अभियान की कड़ी के रूप में सामने आया है। राज्य स्थापना के 26 वर्षों के सफर में उत्तराखंड ने कई क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। हालांकि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियां, दूरस्थ गांवों तक सुविधाएं पहुंचाना, पलायन और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आज भी बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में नई विकास परियोजनाओं से यह अपेक्षा की जा रही है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का विशेष ध्यान पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उत्तराखंड को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य विकास गतिविधियों को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर दूरस्थ पर्वतीय इलाकों तक पहुंचाना भी है। प्रदेश की विकास योजनाओं के साथ प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध विरासत का संरक्षण भी एक महत्वपूर्ण विषय है। पर्यटन और निवेश के विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है। इसलिए विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ उनके दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा। राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने पर मिली 1,475.31 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की यह सौगात प्रदेश के सामने विकास की नई उम्मीदें लेकर आई है। अब इन योजनाओं का वास्तविक महत्व उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और आम जनता तक पहुंचने वाले लाभ से तय होगा। विकसित उत्तराखंड का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब विकास का लाभ पर्वतीय गांवों से लेकर मैदानी शहरों तक समान रूप से पहुंचे और स्थानीय लोगों के जीवन में ठोस बदलाव दिखाई दे।