पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से सुदृढ़ होगी उत्तराखंड की ग्रामीण डेयरी अर्थव्यवस्था

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र को विकास की एक बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने आज सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने के लिए सिसौना नदी पर बनने वाले नए पुल का भव्य शिलान्यास किया। लगभग ₹11.41 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस 150 मीटर स्पान के पुल के निर्माण से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को भारी मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल के बन जाने से क्षेत्र की लगभग 50 हजार की आबादी को सीधा और सुगम लाभ मिलेगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि स्थानीय लोगों को सिडकुल सितारगंज और विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए अब लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा, जिससे उनकी करीब 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए शहरों से लेकर राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊधमसिंह नगर जनपद और विशेषकर शक्तिफार्म-सितारगंज क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा रही हैं। क्षेत्र के आर्थिक विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शक्तिफार्म में जल्द ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से एक आधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इस यूनिट में उच्च गुणवत्ता वाले मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और चीज (पनीर) का निर्माण होगा, जिससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रह्लाद पलसिया में लगभग ₹54 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक 'एक्वा पार्क' का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसका करीब 75 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उच्चीकृत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रही अन्य बड़ी कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी जनता के सामने रखी। उन्होंने बताया कि: सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क और आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली का काम तेजी से जारी है। किच्छा में करीब ₹351 करोड़ की भारी-भरकम लागत से 100 एकड़ भूमि पर 'अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान' (AIIMS) के सेटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे (International Airport) के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, गदरपुर व खटीमा बाईपास, आधुनिक खटीमा और किच्छा बस अड्डों, सर्वसुविधायुक्त खेल स्टेडियमों, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक के माध्यम से इस पूरे तराई क्षेत्र को एक नई और आधुनिक पहचान दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने तराई के किसानों और आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि ऐतिहासिक 'जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना' को पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। इससे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की शत-प्रतिशत पूर्ति होगी। किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने क्षेत्र की जनता की तरफ से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।