अल्मोड़ा: 20 गांवों के ग्रामीणों ने उठाई 500 मीटर अधूरे पैदल मार्ग को पूरा करने की मांग! डीएम को सौंपा ज्ञापन

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अल्मोड़ा। लमगड़ा और हवालबाग विकासखंड के करीब 20 गांवों के ग्रामीणों ने नारी निकेतन (बख) से दमुवाधारा होते हुए गणेशीगैर-धारानौला मुख्य मोटर मार्ग तक शेष 500 मीटर पैदल मार्ग का निर्माण और गणेशीगैर पुलिया के चौड़ीकरण की मांग को लेकर जिलाधिकारी अंशुल सिंह को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा मार्ग बरसात के दौरान लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बना हुआ है। गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि किशोरी बालिका सदन (बख) से होकर गुजरने वाला यह मार्ग विश्वनाथ मंदिर, श्मशान घाट और शहर तक पहुंचने वाला प्रमुख सार्वजनिक पैदल मार्ग है। लमगड़ा और हवालबाग विकासखंड के करीब 20 गांवों के लोग प्रतिदिन इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। मार्ग का करीब 500 मीटर हिस्सा अधूरा होने के कारण बरसात में कीचड़ और फिसलन बढ़ जाती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक मनोज तिवारी के प्रयासों से वर्ष 2023-24 में जिला योजना से 15 लाख रुपये और वर्ष 2024-25 में 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने मार्ग का अधिकांश निर्माण करा दिया, लेकिन शेष हिस्से का निर्माण और गणेशीगैर स्थित पुलिया का चौड़ीकरण अब तक लंबित है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी इस समस्या को दर्ज कराया गया था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति के अभाव में कार्य पूरा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने जिला योजना अथवा अन्य मद से आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर शेष मार्ग पर सीसी सड़क और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने तथा गणेशीगैर पुलिया का चौड़ीकरण कराने की मांग की। उनका कहना है कि मार्ग का निर्माण पूरा होने से हजारों लोगों को विश्वनाथ मंदिर, श्मशान घाट और शहर तक सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जनहित को देखते हुए शेष मार्ग के निर्माण और पुलिया चौड़ीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पीसीसी सदस्य गोपाल सिंह चौहान, चंदन ढैला, शिवेंद्र गोस्वामी, मदन सिंह मेर, पार्षद विजय कुमार भट्ट, कैलाश गुरुरानी, गोधन सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान आरती बिष्ट, पूरन रौतेला, रवि कुमार, प्रकाश बिष्ट, दयाशंकर, त्रिलोक बोरा, नवीन सनवाल, बृजेश कुमार और शंकर लाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।