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पीएम मोदी के 25 साल के बेमिसाल सुशासन का जश्न: हरिद्वार में गंगा पूजन के बाद धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक

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हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख (हेड ऑफ गवर्नमेंट) के रूप में 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार में भक्ति और सुशासन का अनोखा संगम देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ हरिद्वार स्थित सुप्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भव्य आरती की। मां गंगा के चरणों में नतमस्तक होकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन तथा देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ हरकी पैड़ी पर मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन के साथ देश एवं उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक आस्था के साथ प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर को भी रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री ने मां गंगा का आशीर्वाद लेते हुए राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की कामना की। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी पूजा-अर्चना और आरती में भाग लिया। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने सरकार के प्रमुख की जिम्मेदारी निभाई। इसी क्रम में उनके सार्वजनिक जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव के अवसर पर हरिद्वार में गंगा पूजन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर को राष्ट्र की प्रगति और जनकल्याण के संकल्प से जोड़ते हुए मां गंगा से देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हरकी पैड़ी पर हुए धार्मिक आयोजन के बाद मंत्रिमंडल के सदस्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैबिनेट बैठक में शामिल हुए। हरिद्वार स्थित गंगा तट के निकट मेला नियंत्रण भवन में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक से पहले हरकी पैड़ी पर पूजा-अर्चना और आरती का कार्यक्रम रखा गया था। इस तरह धार्मिक आयोजन के साथ सरकार की प्रशासनिक गतिविधियां भी हरिद्वार में केंद्रित रहीं। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठक आयोजित करने की पहल को आगे बढ़ाने के लिहाज से हरिद्वार की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य शासन को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के निकट लाना और स्थानीय विकास तथा जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार इससे पहले चम्पावत जिले के बनबसा में भी मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित कर चुकी है। उस बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए थे। अब हरिद्वार में बैठक आयोजित कर सरकार ने जिलों में कैबिनेट बैठकों की इस पहल को आगे बढ़ाया है। जिलों में मंत्रिमंडल की बैठक होने से स्थानीय जरूरतों, क्षेत्रीय विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को शासन स्तर पर चर्चा का अवसर मिलता है। हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर मिलने वाले परिणामों से ही स्पष्ट होगा। हरिद्वार में मां गंगा की आरती और कैबिनेट बैठक के आयोजन ने सोमवार के कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों के अवसर पर देश की खुशहाली की कामना की गई, तो दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने स्थानीय विकास से जुड़े विषयों पर मंत्रिमंडल के स्तर पर विचार-विमर्श किया।