सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु: अर्धकुंभ, बांध परियोजनाएं और राजस्व वृद्धि पर चर्चा

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देहरादून। धर्मनगरी हरिद्वार में साल 2027 में अर्धकुंभ लगना है, जिसको लेकर सरकार ने अपनी तैयारियों अभी से शुरू कर दी है। इस संबंध में सोमवार 23 फरवरी को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अपने विभाग सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि नदियों का चैनलाइजेशन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का काम तय समय पर पूरा होना चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाए और काम की क्वालिटी पर खास ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में जल निकासी, बाढ़ से बचाव और नदी किनारे सुरक्षा बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन विभागों में पद खाली हैं, उन्हें जल्द भरा जाए ताकि काम प्रभावित न हो। इसके अलावा कुंभ से जुड़े स्थायी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि पंत द्वीप क्षेत्र में अगर कहीं अतिक्रमण है तो उसे तुरंत हटाया जाए। 

 बैठक के बाद मंत्री ने मीडिया से बड़ी परियोजनाओं की जानकारी साझा की।  उन्होंने बताया कि देहरादून की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए बन रहा सौंग बांध तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना की कुल लागत 2069 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 274 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. इसके पूरा होने पर करीब 11 लाख लोगों को रोज 150 एमएलडी साफ पानी मिलेगा। वहीं नैनीताल में जमरानी बांध परियोजना भी प्रगति पर है। इसकी लागत करीब 3678 करोड़ रुपये है और अब तक लगभग 990 करोड़ रुपये के काम पूरे हो चुके हैं। इससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने बताया कि साल 2025-26 में सिंचाई विभाग को 242 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। फिलहाल प्रदेश में 449 करोड़ रुपये की लागत से नहरों और ट्यूबवेल की मरम्मत और सुधार का काम चल रहा है। साथ ही नए जलाशय और वाटर स्टोरेज सिस्टम भी बनाए जा रहे हैं। साथ ही लघु सिंचाई योजनाओं के तहत गांवों में चेक डैम, तालाब और रिचार्ज शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। पीएम कुसुम योजना के तहत डीजल पंपों को सोलर पंप में बदला जा रहा है। अब तक 2139 डीजल पंप सेट सोलर में बदले जा चुके हैं। वहीं नाबार्ड की मदद से 2025-26 में 89 करोड़ रुपये की नई योजनाओं को मंजूरी मिली है। इसके तहत सैकड़ों चेक डैम, सोलर पंप, पाइपलाइन और सिंचाई नहरों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा किसानों के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन जैसी आधुनिक तकनीक को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अर्धकुंभ से पहले सभी जरूरी काम पूरे हों, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता के हित को सबसे ऊपर रखकर काम किया जाए।