उत्तराखंड में फिर गरजा मानसून: अगले 4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, 52 सड़कें बंद और चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की हिदायत

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देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में देर रात से ही रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

उत्तराखंड के कई हिस्सों में देर रात से बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 29 अगस्त से 2 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला तेज रह सकता है। इस दौरान पहाड़ी जिलों में भूस्खलन, चट्टान खिसकने और मलबा आने के साथ मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और नदियों-गदेरों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। अगले 48 घंटों में इसके और स्पष्ट होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा अमृतसर से इस मौसम प्रणाली तक मानसून टर्फ सक्रिय है, जबकि उत्तरी पाकिस्तान पर पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। इन तीनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। 30 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। वहीं टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। एक और दो सितंबर को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश का असर सड़क यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश में भूस्खलन और मलबा आने समेत अन्य कारणों से शनिवार को 41 ग्रामीण मार्गों समेत कुल 52 सड़कें बंद रहीं। बागेश्वर में सात, चमोली में 13, चंपावत में एक, देहरादून में छह, नैनीताल में दो, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में पांच और उत्तरकाशी में दो मार्गों पर यातायात बाधित रहा। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। नदियों, गदेरों और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। विभाग ने चारधाम यात्रा केवल अत्यावश्यक होने पर करने और तीव्र ढलानों वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण सड़क और राजमार्ग बाधित होने, जलभराव और फ्लैश फ्लड के साथ कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों तथा खरीफ फसलों को नुकसान का खतरा भी जताया गया है। बिजली-पानी की आपूर्ति और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।