पुलिस विभाग ने संवेदनशील क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए पाबंदी के फैसले का बचाव किया

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हरिद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित केतन हत्याकांड को लेकर राज्य का सियासी पारा अचानक चरम पर पहुंच गया है। खानपुर से लोकप्रिय विधायक उमेश कुमार और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख व नगीना (यूपी) से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद आज भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के हुजूम के साथ नई टिहरी घेराव के लिए निकले थे। लेकिन पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाई और इस भारी-भरकम काफिले को हरिद्वार के व्यस्ततम शंकराचार्य चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद मौके पर जबरदस्त हंगामा और तीखी बहस शुरू हो गई।

पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने और आगे बढ़ने की अनुमति न मिलने से नाराज सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और विधायक उमेश कुमार ने तुरंत एक बड़ा फैसला लिया। दोनों नेताओं ने अपनी लग्जरी गाड़ियां वहीं हाईवे पर छोड़ दीं और सैकड़ों आक्रोशित कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही नई टिहरी की ओर कूच कर दिया। नेताओं को समर्थकों के सैलाब के साथ पैदल आगे बढ़ता देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों ने दौड़ लगाई और सीसीआर के पास दोबारा घेराबंदी करके उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और नेताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। दरअसल, उत्तराखंड का केतन हत्याकांड इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। चंद्रशेखर आज़ाद और उमेश कुमार का यह काफिला पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और उन्हें सांत्वना देने के लिए केतन के गांव जा रहा था। नेताओं का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहे हैं और वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीड़ित परिवार से मिलना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन हमें रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। केतन के हत्यारों को सजा और परिवार को न्याय मिलकर रहेगा। शंकराचार्य चौक और सीसीआर के आस-पास का पूरा इलाका इस समय छावनी में तब्दील हो चुका है। चंद्रशेखर आज़ाद के समर्थकों की भारी संख्या को देखते हुए मौके पर पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। जिले के आला अधिकारी खुद मौके पर डटे हुए हैं और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और आगे के टकराव को टालने के लिए पुलिस अधिकारी दोनों नेताओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।