गुजरात से प्रेरित डिजिटल टूल्स से उत्तराखंड के सहकारी बैंक होंगे मजबूत

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए गुजरात के सफल सहकारिता मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत वैज्ञानिक अन्न भंडारण, पारदर्शी क्रेडिट प्रणाली और डिजिटल विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत इन दिनों गुजरात दौरे पर हैं और वहां के विभिन्न सहकारी संस्थानों का अध्ययन कर रहे हैं।

बुधवार को मंत्री ने गांधीनगर में सहकारिता से जुड़े कई प्रमुख संस्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर अन्न भंडारण व्यवस्था, बैंकिंग प्रणाली, डिजिटल सेवाओं और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि गुजरात का सहकारिता मॉडल देश में सफल उदाहरण के रूप में स्थापित हुआ है और उत्तराखंड में इसे लागू कर सहकारिता आंदोलन को मजबूती दी जाएगी। गुजरात प्रवास के दौरान धन सिंह रावत ने गांधीनगर स्थित सरढव सेवा सहकारी मंडली लिमिटेड के पीएमश्री अन्न भंडारण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था किसानों की उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने इसे किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी मॉडल बताया।मंत्री ने गांधीनगर जिला सहकारी संघ और जिला सहकारी ऋण समिति लिमिटेड का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने समिति की पारदर्शी प्रबंधन प्रणाली, मजबूत क्रेडिट ढांचा और वित्तीय समावेशन की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सहकारी बैंकों और समितियों को आधुनिक प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा जाएगा तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। अपने भ्रमण के दौरान मंत्री ने जिला सहकारी संघ गांधीनगर के अध्यक्ष कोदरभाई आर पेटल से भी मुलाकात की। इस बैठक में सहकारिता के विभिन्न आयामों, योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने उत्तराखंड में संचालित सहकारी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाकर किसानों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा। गुजरात मॉडल के अनुभवों को अपनाकर उत्तराखंड में सहकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ता और वित्तीय स्थिरता लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।